भाटापारा- कंटेनमेंट जोन के भीतर की दुकानों के द्वारा पिछले दरवाजे से कारोबार करने की जानकारी पहुंचने के बाद बहुत जल्द ऐसी संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह तय अवधि के बाद गली मोहल्लों की चल रही दुकानों के लिए भी सख्त कदम उठाने के संकेत मिल रहे हैं।

कोरोनावायरस से संक्रमितों के बढ़ते आंकड़े भले ही प्रशासन की चिंता बने हुए हो, नागरिकों में भय का माहौल बना रहा हो लेकिन कारोबार जगत को इससे कोई लेना-देना नहीं है। सख्ती या कड़ाई जैसे शब्द इसके लिए कोई मायने नहीं रखते। कंटेनमेंट जोन के भीतर आ रहे कारोबार इस बात को प्रमाणित कर रहे हैं कि किस तरह ऐसी सख्ती के बीच का रास्ता निकाला जा सकता है लेकिन यह रास्ता बहुत जल्द इन पर भारी पड़ने वाला है क्योंकि प्रशासन की नजर ऐसी संस्थानों पर पड़ चुकी है।

नियम तोड़ने में भी ये आगे
शहर में लगभग आधा दर्जन की संख्या में कोरोना संक्रमितों के वार्डों में कंटेनमेंट जोन बना हुआ है। जहां कारोबार तो दूर आवाजाही पर भी कड़ा पहरा लगा हुआ है। इनमें से लगभग हर जोन में कारोबारी संस्थाने हैं जिनमें ताले लग चुके हैं। लेकिन कारोबार पिछले दरवाजे से चलाया जा रहा है। निवास और संस्थान एक ही जगह होने का फायदा जिस तरह उठाया जा रहा है उसनें प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।

तय समय के बाद भी कारोबार
आम नागरिकों को दैनिक जरूरत के सामानों की उपलब्धता के लिए संस्थानों को अलग-अलग समय दिया गया है लेकिन गली मोहल्लों की दुकानें तय समय के बाद भी खुली हुई है। खासकर उन सामग्रियों का कारोबार करने वाली संस्थानें मुख्य है जो किराना या कॉस्मेटिक्स या फिर जनरल आइटम उपलब्ध कराते हैं। अब इनकी जांच के लिए टीम बनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं और कड़ाई के साथ निर्देश का पालन करवाने का आदेश जारी किया जा रहा है।

“नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिए जा रहे हैं कि ऐसी संस्थानों की जांच के लिए अलग से टीम गठित करें। खासकर कंटेनमेंट जोन के भीतर की व्यापारिक गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा जा रहा है।”
एम एस राजपूत

एसडीएम, भाटापारा

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